Tuesday, October 16, 2012
Monday, October 15, 2012
Wednesday, October 3, 2012
Wednesday, September 26, 2012
Thursday, September 20, 2012
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति ।
सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची ।
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची ।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची ।। १ ।। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनःकामना पुरती ।। धृ० ।। रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा ।
हिरेजडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुणझुणती नूपुरे चरणीं घागरिया ।। २ ।। लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना ।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना ।। ३ ।।
- समर्थ रामदासस्वामी
सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची ।नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची ।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची ।। १ ।। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनःकामना पुरती ।। धृ० ।। रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा ।
हिरेजडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुणझुणती नूपुरे चरणीं घागरिया ।। २ ।। लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना ।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना ।। ३ ।।
- समर्थ रामदासस्वामी
हिरेजडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुणझुणती नूपुरे चरणीं घागरिया ।। २ ।। लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना ।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना ।। ३ ।।
- समर्थ रामदासस्वामी
Tuesday, September 18, 2012
Monday, September 17, 2012
हिम्मत हार के भाग न जाना
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
...
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
...
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
बन्द दरवाज़े खुल जायेंगे, साईं तुम्हाते काम आयेंगे
कोई न देगा साथ तुम्हारा, अपना या बेगाना
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
तू समझा यह तेरा घर है, वो कहता है एक सफ़र है
यहाँ से वहाँ और वहाँ से यहाँ, दुनियाँ मुसाफिर खाना
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
बन्द दरवाज़े खुल जायेंगे, साईं तुम्हाते काम आयेंगे
कोई न देगा साथ तुम्हारा, अपना या बेगाना
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
तू समझा यह तेरा घर है, वो कहता है एक सफ़र है
यहाँ से वहाँ और वहाँ से यहाँ, दुनियाँ मुसाफिर खाना
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के
Friday, September 14, 2012
Thursday, September 13, 2012
Wednesday, September 12, 2012
Monday, September 10, 2012
Friday, September 7, 2012
Thursday, September 6, 2012
Wednesday, September 5, 2012
Tuesday, September 4, 2012
सांई तू कैसा होगा......
तेरी तस्वीर देखूतो जी चाहे कि बातें करूं,
जब बाते करूं तो जवाब भी चाहूं ,
तेरे तो आँख,हाथ सब बातें करते है,
होठ यूँ लगते है कि बस अभी खुले है,
ये शांत मुस्कान मुझे अधीर करे है,
...
जब बाते करूं तो जवाब भी चाहूं ,
तेरे तो आँख,हाथ सब बातें करते है,
होठ यूँ लगते है कि बस अभी खुले है,
ये शांत मुस्कान मुझे अधीर करे है,
...
तू बोल ,क्यों नहीं बोलता है,
तेरी तस्वीर में इतनी कशिश है,
तो तेरा नूर कैसा होगा,
सोच के दिल में कुछ होता है,
हे सांई तू कैसा होगा......
हर पल कृपा बरसाता है पर दिखाई क्यों नहीं देता है,
तू मेरे पास है पल पल,सब मुझे बताता है,
पर सामने क्यों नहीं आता है
तेरी तस्वीर में इतनी कशिश है,
तो तेरा नूर कैसा होगा,
सोच के दिल में कुछ होता है,
हे सांई तू कैसा होगा......
हर पल कृपा बरसाता है पर दिखाई क्यों नहीं देता है,
तू मेरे पास है पल पल,सब मुझे बताता है,
पर सामने क्यों नहीं आता है
वास्तविक धनी
मित्रो इसको कहते है वास्तविक धनी:-एक दिन पिता अपने बेटे को गाँव घुमाने ले गया..यह दिखाने कि कोई कितना गरीब हो सकता है....
उन्हने सारा दिन एक खेत में गरीब परिवार के साथ बिताया..
लौटते समय रास्ते में बेटे से पिता ने पूछा
...
"तुमने देखा वो कितने गरीब थे??? तुमने क्या सीखा?"
बेटे ने कहा:-हमारे पास एक ही कुत्ता है ,उनके पास चार हैं..
हमारे घर में सिर्फ एक पूल है उनके पास तो नदी है,
हमारे घर में बिजली के लट्टू (बल्ब) हैं उनके पास तो करोडो तारे हैं ..
हम भोजन खरीद कर लाते हैं वो तो कहीं भी उगाते हैं,
हमारी रक्षा के लिए बस दीवारे हैं,हमारे पास ज्ञान के लिए पुस्तके हैं
और वो अनुभव से ज्ञान पाते हैं...
बेटे ने कहा:-हमारे पास एक ही कुत्ता है ,उनके पास चार हैं..
हमारे घर में सिर्फ एक पूल है उनके पास तो नदी है,
हमारे घर में बिजली के लट्टू (बल्ब) हैं उनके पास तो करोडो तारे हैं ..
हम भोजन खरीद कर लाते हैं वो तो कहीं भी उगाते हैं,
हमारी रक्षा के लिए बस दीवारे हैं,हमारे पास ज्ञान के लिए पुस्तके हैं
और वो अनुभव से ज्ञान पाते हैं...
Monday, September 3, 2012
सारे धर्म है एक सामान
कोई अरदास करे सवेरे शाम !! कोई जपता हर समय तेरा नाम !!
तुम नानक हो तुम पीर हो !! तुम अल्लाह तुम महावीर हो !!
कोई वाहेगुरु कोई राम-राम कहे !! कोई भोला और कोई श्याम कहे !!
कोई पाठ रखावे !! कोई जगराता करावे !!
तुम नानक हो तुम पीर हो !! तुम अल्लाह तुम महावीर हो !!
कोई वाहेगुरु कोई राम-राम कहे !! कोई भोला और कोई श्याम कहे !!
कोई पाठ रखावे !! कोई जगराता करावे !!
कोई रख कर वर्त मनाता है !! कोई नंगे पांव चल के आता है !!
कोई जाप सिमरन तो कोई आरती करे !! कोई शब्द शलोक कोई नमाज़ पड़े !!
सारे जग में एक ही नूर है !! साईं हर इंसान में जरूर है !
सारे धर्म है एक सामान !! सबका मालिक एक है !!
कोई जाप सिमरन तो कोई आरती करे !! कोई शब्द शलोक कोई नमाज़ पड़े !!
सारे जग में एक ही नूर है !! साईं हर इंसान में जरूर है !
सारे धर्म है एक सामान !! सबका मालिक एक है !!
Sunday, September 2, 2012
अच्छी आदत क्यों छोड़ू
एक
व्यक्ति की आदत थी कि वह रस्ते में मिलने वाले व्यक्ति को साईं राम जी बोल
कर नमस्कार करता था, पर एक व्यक्ति उसके नमस्कार का जवाब गाली से देता ।
एक दिन उस व्यक्ति से मैंने पूछा: भाई, वो व्यक्ति हर रोज तुम्हे भला बुरा
कहता है, तुम फिर भी उसे नमस्कार क्यों बुलाते हो ? उस नेक इन्सान ने बड़ा
खुबसूरत जवाब दिया: जब वो मेरे लिए अपनी बुरी आदत नही छोड़ सकता तो उसके
लिए अपनी अच्छी आदत क्यों छोड़ू ।।
Monday, August 27, 2012
"साईं" के दास
कोई तन से दुखी....कोई मन से दुखी....
कोई यार बिन रहे उदास....
थोड़े थोड़े सब दुखी इक सुखी "साईं" के दास :)
तेरे दरबार में जब आता हूँ,
भीड़ में ठीक से दर्शन नही कर पाता हूँ,
तेरे नाम लेने से ही मैं शांति पाता हूँ,
इसलिए तेरे नाम के दर्शन सबको कराता हूँ ।।
तुम हो राजा हम हैं भिखारी..
तेरी लीला अजब हैं न्यारी..
देता है सबको जो तुझे ध्याये..
मुझे भी तार दे खड़ा हूँ आस लगाये..
अपने किये कर्मो को तोलने को जी करता है
प्यारे बाबा आज तुम्हारी मस्जिद इक कोने में, बैठने को जीकरता है
तुम्हारे सामने बैठ के तुम्हारे पावन चरणों में बस रोने को जी करता है
कभी कभी ये सोचता हूँ बहुत दिया है तुमने तो, फिर भी ये जीवन मेरा क्या चाहता
है पाने को
प्यारे बाबा बस यह तुमसे जानने को जी करता है, जानने को जी करता है
मैंने अभी तक जीवन में क्या खोया है क्या पाया है, यह दिल कभी क्या आपकी याद
में भी रोया है
अपने किये कर्मो को तोलने को जी करता है, तोलने को जी करता है
बरसों से सो रहा था बाबा तुमने जगाया है, तुम्हारे नाम का सिमरन मुझसे दिन रात
कराया है
प्यारे बाबा रात दिन दर्शन को जी करता है, दर्शन को जी करता है
अब मुझपर भी तुम अपनी कृपा की बरखा बरसा दो, मुझे भी अपने प्यार में तुम जीना
तो सिखला दो
श्रद्धा और सबुरी से आपकी हजूरी में, बस रहने को जी करता है
प्यारे बाबा आज तुम्हारी मस्जिद इक कोने में, बैठने को जीकरता है
तुम्हारे सामने बैठ के तुम्हारे पावन चरणों में बस रोने को जी करता है
में भी रोया है
अपने किये कर्मो को तोलने को जी करता है, तोलने को जी करता है
बरसों से सो रहा था बाबा तुमने जगाया है, तुम्हारे नाम का सिमरन मुझसे दिन रात
कराया है
प्यारे बाबा रात दिन दर्शन को जी करता है, दर्शन को जी करता है
अब मुझपर भी तुम अपनी कृपा की बरखा बरसा दो, मुझे भी अपने प्यार में तुम जीना
तो सिखला दो
श्रद्धा और सबुरी से आपकी हजूरी में, बस रहने को जी करता है
प्यारे बाबा आज तुम्हारी मस्जिद इक कोने में, बैठने को जीकरता है
तुम्हारे सामने बैठ के तुम्हारे पावन चरणों में बस रोने को जी करता है
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