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Wednesday, September 26, 2012

ईश्वर की मर्जी

दोस्तो, हम सब को जो भी मिला है वही ईश्वर की मर्जी है..
लेकिन हमे जो मिला है उसको किस तरह से उपयोग करते है यह हमारी मर्जी है.!
हमारे पास जो है उसी में खुश रहना सीखोँ
क्योकिँ
ईश्वर ने हमे जो भी दिया वह सोच-समझकर ही दिया होगा..!!
इसलिए कभी अपने आप को दु:खी मत करो

Thursday, September 20, 2012

Jai Barangi Baba

अंजनि पुत्र केसरी नंदन, पवन पुत्र गुण वान,
अष्टम रूद्र महा बलशाली बजरंगी बलवान ||

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति ।

सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची ।
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची ।
कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची ।। १ ।। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनःकामना पुरती ।। धृ० ।। रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा ।
हिरेजडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुणझुणती नूपुरे चरणीं घागरिया ।। २ ।। लंबोदर पीतांबर फणिवरबंधना ।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना ।। ३ ।।
- समर्थ रामदासस्वामी

आखिर में मेरी बारी है ।

साईं बाबा आपके भक्तो की लाइन बहुत लम्बी है,
आखिर में मेरी बारी है ।

Tuesday, September 18, 2012

Happy Ganesh Chaturthi!

Hoping this ganesh chatrurthi
Will be the start of year that
Brings happiness for you.
Happy Ganesh Chaturthi!

Monday, September 17, 2012

हिम्मत हार के भाग न जाना


हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
...
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
बन्द दरवाज़े खुल जायेंगे, साईं तुम्हाते काम आयेंगे
कोई न देगा साथ तुम्हारा, अपना या बेगाना
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
तू समझा यह तेरा घर है, वो कहता है एक सफ़र है
यहाँ से वहाँ और वहाँ से यहाँ, दुनियाँ मुसाफिर खाना
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के ...
पूछ न क्यों ऐसा होता है, होने दे जैसा होता है
छोड़ न तू उम्मीद का दामन, चल के रुक ना जाना ...
हिम्मत हार के ...
एक सवेरा दूर नहीं है, आखिरी डेरा दूर नहीं है
डूब चुका है शाम का सूरज, दूर नहीं है ठिकाना ...
हिम्मत हार के ...
हिम्मत हार के भाग न जाना, घबराहट से क्या घबराना
आँख मिचोली होती रहेगी, खाली झोली होती रहेगी
किसको खबर है कौन से दर से, मिल जाएगा ख़ज़ाना ...
हिम्मत हार के

Friday, September 14, 2012

मंदिर जा के क्यों नाक रगड़े

मंदिर जा के क्यों नाक रगड़े...वो नही मिलना जो तेरी तक़दीर में नही है
जरा सी अपने गुनाहों पर नजर मार....ये मत सोच के साईं ने देखा ही नही..

सबका मालिक एक

न मै "हिन्दू" न "सिख" न "मुसलमान" न "ईसाई"
मै हूँ उस मालिक का बंदा, जिसने ये दुनिया बनाई !!

सबका मालिक एक .....ॐ साईं राम

Thursday, September 13, 2012

Jai Maa Saraswati

मुझे अकेले में मुस्कराते देख सब पागल कहते है,

 उन्हें क्या पता मै उस समय  माता सरस्वती  के साथ होता हूँ ।

जो मांगे सच्चे दिल से

कौन कहता है के तेरी चोकठ से मागने वाला गरीब होता है. . . . . . .

जो मांगे सच्चे दिल से साईं तू उनके करीब ह

Wednesday, September 12, 2012

Monday, September 10, 2012

दुनिया चले ना श्री राम के बिना

दुनिया चले ना श्री राम के बिना ।
राम जी चले ना हनुमान के बिना ।।

जय बजरंगबली.....ॐ साईं राम

Friday, September 7, 2012

हर पल हँसना सिखा दिया







साईं नाम ने मुझे, साईं का दीवाना बना दिया,

आंसू भरी आँखों को, हर पल हँसना सिखा दिया।

पूजा हो नमाज़ हो या हो अरदास

पूजा हो नमाज़ हो या हो अरदास...
हर रुप मेँ है साईँ का ही वास...
साईँ के लिए उनके सभी भक्त सबसे खास..

Thursday, September 6, 2012

सुबह होने से पहले

साईं कहते है :-
तुम रोज रात को सोने से पहले दूसरों की दिनभर की गलतियों को माफ़ करदो में तुम्हारे सारे गुनाह सुबह होने से पहले माफ़ कर दूंगा...

♥ ॐ साईं राम ♥

Wednesday, September 5, 2012

ना मुझको गरूर देना

मै मांगता तुमसे मेरे बाबा....वो चीज मुझको जरूर देना
मिले ज़माने की सारी खुशिया...मगर ना मुझको गरूर देना

तू मुझे वैसा बना दे जैसा तू चाहता है

मेरी खुशनसीबी के लिए ये ही काफी है कि मै तेरा बच्चा हूँ
और मेरे फखर के लिए ये ही काफी है कि तू ही मेरा मुरशद है ...
तू वैसा ही है जैसा मैं चाहता हूँ ... बस तू मुझे वैसा बना दे जैसा तू चाहता है

Tuesday, September 4, 2012

सांई तू कैसा होगा......


तेरी तस्वीर देखूतो जी चाहे कि बातें करूं,
जब बाते करूं तो जवाब भी चाहूं ,
तेरे तो आँख,हाथ सब बातें करते है,
होठ यूँ लगते है कि बस अभी खुले है,
ये शांत मुस्कान मुझे अधीर करे है,
...
तू बोल ,क्यों नहीं बोलता है,
तेरी तस्वीर में इतनी कशिश है,
तो तेरा नूर कैसा होगा,
सोच के दिल में कुछ होता है,
हे सांई तू कैसा होगा......
हर पल कृपा बरसाता है पर दिखाई क्यों नहीं देता है,
तू मेरे पास है पल पल,सब मुझे बताता है,
पर सामने क्यों नहीं आता है

वास्तविक धनी


मित्रो इसको कहते है वास्तविक धनी:-

एक दिन पिता अपने बेटे को गाँव घुमाने ले गया..यह दिखाने कि कोई कितना गरीब हो सकता है....
उन्हने सारा दिन एक खेत में गरीब परिवार के साथ बिताया..
लौटते समय रास्ते में बेटे से पिता ने पूछा
...
"तुमने देखा वो कितने गरीब थे??? तुमने क्या सीखा?"
बेटे ने कहा:-हमारे पास एक ही कुत्ता है ,उनके पास चार हैं..
हमारे घर में सिर्फ एक पूल है उनके पास तो नदी है,
हमारे घर में बिजली के लट्टू (बल्ब) हैं उनके पास तो करोडो तारे हैं ..
हम भोजन खरीद कर लाते हैं वो तो कहीं भी उगाते हैं,
हमारी रक्षा के लिए बस दीवारे हैं,हमारे पास ज्ञान के लिए पुस्तके हैं
और वो अनुभव से ज्ञान पाते हैं...



 

Monday, September 3, 2012

सारे धर्म है एक सामान

कोई अरदास करे सवेरे शाम !! कोई जपता हर समय तेरा नाम !!
तुम नानक हो तुम पीर हो !! तुम अल्लाह तुम महावीर हो !!
कोई वाहेगुरु कोई राम-राम कहे !! कोई भोला और कोई श्याम कहे !!
कोई पाठ रखावे !! कोई जगराता करावे !!

कोई रख कर वर्त मनाता है !! कोई नंगे पांव चल के आता है !!
कोई जाप सिमरन तो कोई आरती करे !! कोई शब्द शलोक कोई नमाज़ पड़े !!
सारे जग में एक ही नूर है !! साईं हर इंसान में जरूर है !
सारे धर्म है एक सामान !! सबका मालिक एक है !!

Sunday, September 2, 2012

कल की तैयारी है

आकाश एक है, प्रकाश एक है, रस्सी प्रकार धर्म एक है.
सुख दो सुख लो. प्यार दो प्यार लो. सामान दो समान लो.
जो दिया है वही तो मिला है. आज जो कर रहे हो वो कल की तैयारी है.

अच्छी आदत क्यों छोड़ू

एक व्यक्ति की आदत थी कि वह रस्ते में मिलने वाले व्यक्ति को साईं राम जी बोल कर नमस्कार करता था, पर एक व्यक्ति उसके नमस्कार का जवाब गाली से देता । एक दिन उस व्यक्ति से मैंने पूछा: भाई, वो व्यक्ति हर रोज तुम्हे भला बुरा कहता है, तुम फिर भी उसे नमस्कार क्यों बुलाते हो ? उस नेक इन्सान ने बड़ा खुबसूरत जवाब दिया: जब वो मेरे लिए अपनी बुरी आदत नही छोड़ सकता तो उसके लिए अपनी अच्छी आदत क्यों छोड़ू ।।

Monday, August 27, 2012

"साईं" के दास

कोई तन से दुखी....कोई मन से दुखी....
कोई यार बिन रहे उदास....
थोड़े थोड़े सब दुखी इक सुखी "साईं" के दास :)
 
तेरे दरबार में जब आता हूँ,
भीड़ में ठीक से दर्शन नही कर पाता हूँ,
तेरे नाम लेने से ही मैं शांति पाता हूँ,
इसलिए तेरे नाम के दर्शन सबको कराता हूँ ।।
 
तुम हो राजा हम हैं भिखारी..
तेरी लीला अजब हैं न्यारी..
देता है सबको जो तुझे ध्याये..
मुझे भी तार दे खड़ा हूँ आस लगाये..
 
 

अपने किये कर्मो को तोलने को जी करता है

प्यारे बाबा आज तुम्हारी मस्जिद इक कोने में, बैठने को जीकरता है
तुम्हारे सामने बैठ के तुम्हारे पावन चरणों में बस रोने को जी करता है
कभी कभी ये सोचता हूँ बहुत दिया है तुमने तो, फिर भी ये जीवन मेरा क्या चाहता
है पाने को
प्यारे बाबा बस यह तुमसे जानने को जी करता है, जानने को जी करता है
मैंने अभी तक जीवन में क्या खोया है क्या पाया है, यह दिल कभी क्या आपकी याद
में भी रोया है
अपने किये कर्मो को तोलने को जी करता है, तोलने को जी करता है
बरसों से सो रहा था बाबा तुमने जगाया है, तुम्हारे नाम का सिमरन मुझसे दिन रात
कराया है
प्यारे बाबा रात दिन दर्शन को जी करता है, दर्शन को जी करता है
अब मुझपर भी तुम अपनी कृपा की बरखा बरसा दो, मुझे भी अपने प्यार में तुम जीना
तो सिखला दो
श्रद्धा और सबुरी से आपकी हजूरी में, बस रहने को जी करता है
प्यारे बाबा आज तुम्हारी मस्जिद इक कोने में, बैठने को जीकरता है
तुम्हारे सामने बैठ के तुम्हारे पावन चरणों में बस रोने को जी करता है